सिकन्दरपुर, बलिया। सेना के जवान को 24 साल बाद मिला सम्मान क्षेत्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण सम्मान समारोह में, सेना के शहीद जवान गुलाब चंद प्रसाद को श्रद्धांजलि देने के लिए ग्राम सभा सिसोटार के जमलापुर में अभयनारायण तिवारी के दरवाजे से बसन्त श्रीवास्तव के दरवाजे तक (इंटरलॉकिंग सड़क) एक सड़क का नाम उनके नाम पर रखा गया। नवानगर ब्लॉक प्रमुख केशव प्रसाद चौधरी उर्फ 'गुड्डू', शहीद की पत्नी रमावती देवी और आरएसएस गुरुकुल एकेडमी के प्रबंधक जयप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से इण्टरलाकिंग सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण किया, तत्पश्चात सहित जवान के नाम पर एक फलदार पेड़ भी लगाया।
अपने दिए गए बयान में ब्लॉक प्रमुख नवानगर केशव प्रसाद चौधरी ने कहा कि उनका परिवार शुरू से ही शहीदों का सम्मान करता आया है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है, लेकिन फिर भी उन्होंने शहीद पथ का निर्माण करवाया। अगर वे दोबारा ब्लॉक प्रमुख बनते हैं तो शहीद के नाम पर एक गेट का भी निर्माण करवाएंगे।इस दौरान, आयोजक सुमन्त तिवारी ने अतिथियों को फूलमाला व अंगवस्त्रम से सम्मानित किया।
आरएसएस गुरुकुल एकेडमी के प्रबंधक जय प्रताप सिंह गुड्डू ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि शहीद के नाम पर शहीद पथ बनाकर ब्लॉक प्रमुख केशव प्रसाद चौधरी ने शहीद जवान को 24 साल बाद एक बार पुनः जीवित कर दिया, उन्होंने कहा की प्रमुख जी का कार्यकाल समाप्त होने को है परंतु ये वही काम करते हैं जो कोई किया नहीं रहता है, उन्होंने कहा कि आज यहां आने के बाद पता चला कि 24 साल तक कोई शहीद परिवार को पूछने तक नहीं आया, और सभी लोग जनप्रतिनिधि अपने आप को कहेंगे, जय प्रताप सिंह ने ब्लॉक प्रमुख के किए गए इस कार्य के लिए ग्रामीणों से ताली बजाने के लिए भी आग्रह किया, और आयोजक सुमन तिवारी सिंटू को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मैं आभारी हूं कि मुझे इस पुनीत कार्य के मौके पर आपने याद किया।
कार्यक्रम के आयोजक सुमंत कुमार तिवारी ने कहा कि सेना के जवान के नाम पर शहीद पथ का निर्माण करवा कर मुझे आज गर्व महसूस हो रहा है, मेरे मन में शुरू से था कि शाहिद को जो सम्मान मिलना चाहिए वह नहीं मिला इसलिए आज 24 साल बाद शहीद पथ का निर्माण करवा के सम्मान दिलाने का काम किया और मैं आगे भी जिलाधिकारी महोदय से मिलकर शहीद परिवार को सरकारी घोषणाओं का जो लाभ नहीं मिल पाया उस लाभ को दिलवाने का हर संभव प्रयास करूंगा।
शहीद जवान गुलाबचंद प्रसाद की शहादत
शहीद जवान गुलाबचंद प्रसाद 25 अक्टूबर 2001 को जम्मू से स्पेशल फोर्स के साथ कश्मीर जाते समय आतंकियों के हमले में शहीद हो गए थे। 24 साल बाद, उनके सम्मान में एक सड़क का नाम उनके नाम पर रखा गया है। शहीद की पत्नी और पुत्र ने बताया कि 24 सालों में उन्हें किसी भी सरकारी घोषणा का लाभ नहीं मिला। उन्होंने ब्लॉक प्रमुख केशव प्रसाद चौधरी और आयोजक सुमन्त तिवारी को धन्यवाद दिया और कहा कि 24 साल बाद उनके पति को सम्मान दिलाने के लिए वे तहे दिल से आभारी हैं।
@By-इमरान खान
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