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एसबीआई खड़सरा में पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार, पत्रकार संगठनों में उबाल


एसबीआई खडसरा में पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार, पत्रकार संगठनों में उबाल,कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

सिकन्दरपुर।।

क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक की खडसरा शाखा में शुक्रवार की दोपहर एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई, जहां प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार विजेंद्रनाथ सिंह के साथ बैंक कर्मियों द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के पत्रकारों एवं संगठन से जुड़े लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विजेंद्रनाथ सिंह का भारतीय स्टेट बैंक खडसरा शाखा में खाता संख्या 34172238195 है। शुक्रवार की दोपहर वह अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाने के लिए बैंक पहुंचे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर उनकी पत्नी का कॉल आ गया, जिस पर वह सामान्य रूप से बातचीत कर रहे थे। आरोप है कि इसी समय बैंक परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड हरे राम उनके पास पहुंचा और अचानक ऊंची आवाज में चिल्लाने लगा। गार्ड द्वारा पत्रकार पर बैंक की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाया गया, जिससे वहां मौजूद लोग भी असहज हो गए।

अभी विजेंद्रनाथ सिंह स्थिति को समझने और अपनी बात रखने का प्रयास ही कर रहे थे कि तभी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर लोकेश यादव मौके पर पहुंचे और कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार करने लगे। अचानक हुए इस व्यवहार से पीड़ित पत्रकार मानसिक रूप से आहत हो गए और कुछ देर के लिए स्तब्ध होकर शांत खड़े रह गए।

घटना के बाद बैंक परिसर में मौजूद अन्य ग्राहकों और स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और पीड़ित पत्रकार को समझा-बुझाकर बैंक से बाहर ले आए। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बैंक परिसर में तनाव का माहौल बन गया था। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र के कई पत्रकार मौके पर पहुंचने लगे, लेकिन पीड़ित पत्रकार विजेंद्रनाथ सिंह ने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए सभी पत्रकारों से संयम बरतने का आग्रह किया, जिसके बाद तत्काल कोई हंगामा नहीं किया गया।

इसके पश्चात पीड़ित पत्रकार द्वारा घटना की पूरी जानकारी भारतीय स्टेट बैंक के निदेशक प्रभात ठाकुर को मौके से ही लिखित एवं मौखिक रूप से दी गई। निदेशक प्रभात ठाकुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

इधर, प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन सहित अन्य पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पत्रकारों का कहना है कि यदि आम नागरिकों और पत्रकारों के साथ बैंक जैसे सार्वजनिक संस्थानों में इस प्रकार का व्यवहार किया जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तथा दोषी कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रशासन की होगी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और सभी की निगाहें बैंक प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं

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